इस साइट पर Binance referral link है · invite code BN16188 से register करने पर अधिकतम 20% fee rebate* · पूरा disclosure →

India · VDA tax · व्यावहारिक गाइड

भारत में यूएसडीटी पर टैक्स: स्वैप, P2P का TDS, और Schedule VDA में क्या-क्या लिखना पड़ता है

भारत में यूएसडीटी रखने वाले ज़्यादातर लोग tax का सवाल एक ही लाइन में निपटा देते हैं — "30% लगता है, 1% TDS कटता है, बस इतना ही।" यह लाइन ग़लत नहीं है। पर जिस दिन ITR खुलता है और Schedule VDA सामने आती है, उस दिन पता चलता है कि असली मुश्किल दर में नहीं, गिनती में है: आपकी साल भर की कौन-कौन-सी हरकत "transfer" मानी गई, किस सौदे में कटौती की ज़िम्मेदारी किसकी थी, और उन सौदों का record अब आपके पास बचा है या नहीं।

यह लेख उसी दूसरी परत पर है। platform कैसे चुनें और INR से यूएसडीटी तक का रास्ता क्या है, यह अलग सवाल है और भारत में यूएसडीटी कैसे खरीदें · कौन सा App चुनें में विस्तार से रखा गया है — 30% और 1% TDS का बुनियादी परिचय भी वहीं मिल जाएगा। यहाँ हम उससे आगे उठाते हैं और सिर्फ़ उन जगहों पर रुकते हैं जो ख़ास तौर पर stablecoin रखने वालों को काटती हैं। वजह सीधी है: जिनके पास BTC है वे कम से कम यह मानकर चलते हैं कि tax बनेगा; जिनके पास यूएसडीटी है वे अक्सर मान लेते हैं कि "मुनाफ़ा तो हुआ ही नहीं, तो रिपोर्ट क्या करें" — और लापरवाही यहीं से शुरू होती है।

30 सेकंड वाला सार

  • यूएसडीटी से USDC में जाना भी transfer है। fiat में निकाले बिना भी हिसाब बनता है, और वह हिसाब INR में बनता है — dollar में नहीं।
  • P2P में सीमा भुगतान करने वाले की हैसियत से तय होती है। आम व्यक्ति/HUF (specified person) के भुगतान पर पूरे financial year का जोड़ ₹50,000 तक हो तो कटौती नहीं; बड़े turnover वाले भुगतानकर्ता के लिए यही सीमा ₹10,000 है।
  • अपने wallets के बीच transfer पर tax नहीं — पर साबित करना आपको ही पड़ता है कि दोनों पते आपके थे।
  • घाटा किसी काम का नहीं आता: न दूसरे coin के मुनाफ़े से कटता है, न किसी और आय से, न अगले साल जाता है।
  • घटाने के लिए सिर्फ़ acquisition cost मिलता है। gas fee, trading fee, CA की फ़ीस — कुछ भी नहीं घटता, और cross-chain घूमने वालों को यही सबसे ज़्यादा चुभता है।
  • Schedule VDA transaction-wise है — हर सौदे की ख़रीद तारीख़, transfer तारीख़, acquisition cost और consideration अलग-अलग चाहिए। साल के अंत में पीछे जाकर यह बनाना लगभग नामुमकिन है।

1. यूएसडीटी को USDC में बदलना भी एक taxable event है

सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी यहीं है। बहुत से लोग मानते हैं कि जब तक पैसा bank में वापस नहीं आया, तब तक tax का सवाल ही नहीं उठता। भारत में लागू आम व्याख्या इसके उलट है: एक crypto से दूसरे crypto का trade भी एक taxable event माना जाता है, भले ही आपने उसे किसी fiat currency में बदला ही न हो। यानी यूएसडीटी से USDC, यूएसडीटी से FDUSD, या यूएसडीटी से BTC — तीनों exchange के अंदर हुए एक-एक transfer हैं।

stablecoin वालों के लिए यह इसलिए काटता है क्योंकि उनकी नज़र में यह "एक dollar को दूसरे dollar से बदलना" है। स्क्रीन पर दोनों तरफ़ लगभग 1.00 दिखता है, तो लगता है कुछ हुआ ही नहीं। पर आयकर के हिसाब में गणना INR में होती है। आपने यूएसडीटी जिस दिन ख़रीदा था उस दिन का INR मूल्य आपकी acquisition cost है, और जिस दिन आपने उसे किसी दूसरे coin में बदला उस दिन का INR मूल्य आपका consideration। बीच में अगर रुपये-डॉलर का भाव हिला है, तो dollar में सपाट पड़ा हुआ यूएसडीटी भी INR में मुनाफ़ा या घाटा दिखा सकता है। "मुनाफ़ा शून्य है" वाली धारणा इसी जगह टूटती है।

दूसरा हिस्सा 1% TDS का है। जब सौदे का भुगतान ख़ुद किसी VDA में हो रहा हो — यानी आप coin देकर coin ले रहे हों — तो लेन-देन में दोनों तरफ़ VDA जा रहा है, इसलिए व्यवहार में कटौती दोनों पैरों पर बन सकती है। भारतीय licensed exchange अक्सर swap पर दोनों legs की entry statement में दिखाते हैं; विदेशी platform और DEX पर यह अपने-आप नहीं होता और ज़िम्मेदारी करने वाले पर आ जाती है। आपका platform इसे किस तरह लागू करता है, यह मानकर मत चलिए — अपने statement में देखिए, और अपनी स्थिति CA से पक्की कीजिए।

व्यावहारिक असर: दिन में तीन बार यूएसडीटी और USDC के बीच घूमना नज़र में "कुछ नहीं करना" है, पर records में यह साल भर में सैकड़ों अलग-अलग transfers बन जाता है, जिनमें से हर एक Schedule VDA में अपनी लाइन माँगता है।

2. P2P में 1% TDS किसके सिर पर है — और सीमा किसकी हैसियत से तय होती है

यह वह हिस्सा है जो इंटरनेट पर सबसे ज़्यादा उल्टा लिखा मिलता है, इसलिए इसे सीधे आधिकारिक पाठ से पढ़ना बेहतर है। आयकर विभाग के TDS rates वाले पन्ने पर Section 194S के नीचे लिखा है कि दो हालात में कटौती नहीं होगी: एक, जब consideration किसी ऐसे व्यक्ति को देना है जो specified person नहीं है और financial year में उसका कुल मूल्य ₹10,000 से ऊपर नहीं जाता; दो, जब consideration किसी specified person द्वारा देय है और financial year में उसका कुल मूल्य ₹50,000 से ऊपर नहीं जाता।

अब ध्यान दीजिए, specified person कोई विशेष रूप से बड़ी हस्ती नहीं है — उल्टा है। आधिकारिक परिभाषा में वह ऐसा व्यक्ति या HUF है जिसकी, VDA transfer वाले financial year से ठीक पहले वाले financial year में, business की total sales/gross receipts/turnover ₹1 करोड़ से ऊपर न रही हो या profession की receipts ₹50 लाख से ऊपर न रही हों; और वह व्यक्ति या HUF भी जिसकी business या profession से आय है ही नहीं। यानी नौकरी करने वाला, या बिना कारोबार वाला आम निवेशक — यही specified person है।

इसका सीधा नतीजा यह है कि आम पाठक के लिए काम की सीमा ₹50,000 वाली है, ₹10,000 वाली नहीं। ₹10,000 वाली सीमा उन भुगतानकर्ताओं पर लगती है जिनका कारोबार ऊपर बताए आँकड़ों से बड़ा है। जो लेख यह लिखते हैं कि "₹10,000 से ऊपर के हर trade पर TDS", वे दोनों को उलटा कर देते हैं। (यह पन्ना अगस्त 2026 में देखा गया; नियम बदलते रहते हैं, इसलिए भरने से पहले ख़ुद एक बार खोल लें।)

आयकर विभाग की आधिकारिक TDS Rates तालिका में Section 194S की पंक्ति — Payment on transfer of Virtual Digital Asset, दर 1 प्रतिशत, नीचे दो छूट-सीमाएँ ₹10,000 और ₹50,000 तथा specified person की पूरी परिभाषा
ऊपर लिखी बात का मूल स्रोत — आयकर विभाग (CBDT) के अपने TDS Rates पन्ने पर Section 194S की पंक्ति। दर के कॉलम में 1, और उसके नीचे दोनों छूट-सीमाएँ तथा specified person की परिभाषा जस की तस। स्क्रीनशॉट अगस्त 2026 में लिया गया।

दूसरी ज़रूरी बात यह है कि सीमा किस पर लागू होगी, यह भुगतान करने वाले की हैसियत से तय होता है। P2P में भुगतान करने वाला वही है जो पैसा भेज रहा है — यानी यूएसडीटी ख़रीदने वाला। तो जब आप P2P पर यूएसडीटी ख़रीदते हैं, नियम की नज़र में consideration आप दे रहे हैं; और जब आप बेचते हैं, तो देने वाला सामने वाला ख़रीदार है। भारतीय licensed exchange पर आम तौर पर platform ख़ुद यह मशीनरी चलाता है और आपको statement देता है, जबकि विदेशी platform या सीधे किसी व्यक्ति से किए गए सौदे में यह काम अपने-आप नहीं होता। कौन काटेगा यह हम आपके लिए तय नहीं कर सकते — यह इस पर निर्भर है कि सौदा कहाँ हुआ और सामने कौन था; अपने platform के दस्तावेज़ और अपने CA से यही एक बात लिखित में साफ़ करा लीजिए।

तीसरी बात, जो लोग सबसे ज़्यादा भूलते हैं: यह सीमा एक सौदे की नहीं, पूरे financial year के जोड़ की है। छोटे-छोटे कई सौदे मिलकर सीमा पार कर सकते हैं। और आख़िरी बात — TDS कोई अलग tax नहीं है, वह पहले से कटा हुआ पैसा है जिसे ITR भरते समय आप अपनी देनदारी में adjust करते हैं। जो ITR भरता ही नहीं, उसके लिए वह कटौती वहीं पड़ी रह जाती है।

3. अपने wallet से अपने wallet — और exchange से exchange

राहत वाली ख़बर पहले: अपने ही wallets के बीच crypto भेजने पर tax नहीं लगता, क्योंकि मालिकाना बदलता ही नहीं। आपने अपनी जेब से अपनी दूसरी जेब में पैसा डाला है, बेचा कुछ नहीं।

अब वह हिस्सा जहाँ लोग असल में फँसते हैं। यही तर्क "exchange A से exchange B" पर भी उतना ही लागू है — बशर्ते दोनों खाते वाक़ई आपके अपने हों और आप यह दिखा सकें। दिक़्क़त सिद्धांत की नहीं, सबूत की है। on-chain कोई label नहीं लिखा होता कि यह पता आपका है। साल के अंत में जब आपके exchange A का statement एक बड़ी withdrawal दिखाता है और उसकी जोड़ी मिलाने के लिए कोई दूसरा record नहीं होता, तो वह निकासी अपने-आप "बिक्री" जैसी दिखने लगती है — और सफ़ाई देने की ज़िम्मेदारी आप पर आ जाती है।

हर self-transfer के लिए इतना रख लीजिए

  • भेजने वाला और पाने वाला — दोनों पते, और दोनों तरफ़ की entry का screenshot;
  • on-chain transaction hash और उसका समय;
  • दोनों खातों का KYC एक ही नाम पर है, इसका record (exchange का profile page काफ़ी है);
  • network कौन-सा था (TRC20, ERC20, BEP20) — ताकि दो अलग chains की entries आपस में न उलझें।

एक और जगह सावधानी चाहिए: cross-chain bridge। एक ही coin को एक chain से दूसरी chain पर ले जाना दिखने में self-transfer है, पर नीचे की मशीनरी हर bridge में एक जैसी नहीं होती — कहीं आपका token lock होकर दूसरी तरफ़ नया token मिलता है, कहीं वह burn-and-mint होता है, और कहीं आप असल में एक pool के सामने swap ही कर रहे होते हैं। यह self-transfer माना जाएगा या transfer, यह इस पर निर्भर करता है कि नीचे हुआ क्या। इसे ख़ुद तय मत कीजिए — अपने CA को exact रास्ता (कौन-सा bridge, कौन-सी chains, कौन-सा contract) बताइए और उन्हें तय करने दीजिए।

4. "घाटे की भरपाई नहीं मिलती" का असली मतलब क्या है

यह नियम एक लाइन में लिखा जाता है और इसीलिए हल्का लगता है: एक VDA का घाटा न किसी दूसरे VDA के मुनाफ़े से घटाया जा सकता है, न किसी और आय से, और न ही अगले साल के लिए carry forward होता है। असर देखने के लिए इसे अपने असली portfolio पर रखकर देखिए।

मान लीजिए एक ही financial year में आपके एक coin पर अच्छा-ख़ासा मुनाफ़ा हुआ और लगभग उतना ही घाटा दूसरे coin पर। साल के अंत में आपकी जेब वहीं की वहीं है — कुल मिलाकर आपने कमाया कुछ नहीं। पर tax मुनाफ़े वाले पूरे हिस्से पर बनता है, और घाटे वाली रकम कहीं adjust नहीं होती; वह वहीं की वहीं रह जाती है और अगले साल भी साथ नहीं जाती। यानी बिना कुछ कमाए भी देनदारी बन सकती है। यह कोई अपवाद नहीं, यही ढाँचे का सामान्य नतीजा है।

stablecoin रखने वालों पर यह दो वजहों से ज़्यादा भारी पड़ता है। पहली, इस तबक़े में सौदों की संख्या बहुत ज़्यादा होती है — रोज़ का swap, arbitrage, चेन बदलना — और जितने ज़्यादा सौदे, उतने ज़्यादा अलग-अलग जीत-हार वाले पैर, जिनमें जीत गिनी जाती है और हार गिनती में आती ही नहीं। दूसरी, depeg। किसी stablecoin के भाव टूटने पर हुआ नुक़सान भी VDA का ही घाटा है, यानी उसकी भरपाई भी कहीं नहीं मिलती — यह कैसे होता है, इसका एक असली उदाहरण USDC और SVB वाले 48 घंटे में है।

यहाँ हम जान-बूझकर यह नहीं बता रहे कि इससे "बचा" कैसे जाए। बचने का कोई तरीक़ा सुझाना इस लेख का काम नहीं है; इसका काम यह है कि आप यह गणित पहले से जानते हों, ताकि साल के अंत में देनदारी देखकर चौंकें नहीं।

5. घटाने के लिए सिर्फ़ acquisition cost मिलता है — बाक़ी कुछ नहीं

दूसरी आय के मुक़ाबले VDA का ढाँचा यहाँ बहुत तंग है। मुनाफ़ा निकालते समय जो एक चीज़ घटाई जा सकती है वह है acquisition cost, यानी वह क़ीमत जिस पर आपने coin ख़रीदा। इसके अलावा जो भी ख़र्च आपने trade के आसपास किया, वह गणना में जगह नहीं पाता।

व्यवहार में इसका मतलब है कि ये सब बाहर हैं — exchange की trading fee, withdrawal charge, chain की gas fee, bridge का शुल्क, chart और tax software की subscription, हार्डवेयर wallet, और यहाँ तक कि उस CA की फ़ीस जो आपकी यह पूरी sheet बनाएगा। ये सारे असली ख़र्च हैं, आपकी जेब से गए हैं, फिर भी मुनाफ़े में से नहीं घटते।

और यही वह जगह है जहाँ यूएसडीटी वाला user दूसरों से ज़्यादा पिटता है, क्योंकि उसकी पूरी आदत ही घूमने की होती है: सस्ती chain पर जाना, वापस आना, एक exchange से दूसरे पर भेजना। हर छलाँग पर gas लगता है और हर gas डूबा हुआ ख़र्च है। इसका सही जवाब कोई "जुगाड़" नहीं है — जवाब बस यह है कि इन ख़र्चों को अपने असली return के हिसाब में शामिल कीजिए, क्योंकि tax का हिसाब इन्हें नहीं मानेगा। चेन बदलने की असली लागत क्या बैठती है, इसका ढाँचा USDT बनाम USDC की पूरी गाइड में समझा जा सकता है।

एक भ्रम और साफ़ कर लें: कटा हुआ 1% TDS "ख़र्च" नहीं है जिसे आप मुनाफ़े में से घटाएँ। वह आपके नाम पहले से जमा हुआ पैसा है, जिसे ITR में अपनी कुल देनदारी के सामने रखा जाता है। दोनों को एक ही जगह जोड़ देना सबसे आम गणना-ग़लती है।

6. Schedule VDA का मतलब: हर सौदे की अपनी लाइन

अब वह हिस्सा जो सबसे ज़्यादा समय खाता है। VDA की आय ITR में एक जोड़ के रूप में नहीं जाती — उसके लिए अलग Schedule VDA है, और वह transaction-wise भरी जाती है। आप कौन-सा form भरेंगे (आम तौर पर ITR-2 या ITR-3, आपकी आय के ढाँचे के हिसाब से) यह अपने CA से तय कराइए, पर जो जानकारी माँगी जाती है वह हर हाल में यही चार है:

इन चार खानों से पूरी record-keeping की माँग तय हो जाती है, और यहीं ज़्यादातर लोगों का साल ख़राब होता है। exchange आपको trade history दे देता है, पर P2P में तारीख़ और counterparty आपके पास ही रहते हैं; DEX पर सिर्फ़ hash रहता है; और चार अलग platforms पर घूमने के बाद कोई एक जगह ऐसी नहीं बचती जहाँ पूरी कहानी हो। मार्च में बैठकर यह सब पीछे से जोड़ना — ख़ास तौर पर उन खातों से जो बीच में बंद हो गए — व्यावहारिक रूप से नामुमकिन है।

पहले दिन से एक sheet रखिए, इतने column काफ़ी हैं

  • तारीख़ और समय · platform · order ID;
  • क्या दिया, क्या लिया (coin और मात्रा), और उस समय का INR मूल्य;
  • fee (घटेगी नहीं, फिर भी अपने असली return के लिए लिखिए);
  • on-chain hash, अगर सौदा chain पर गया;
  • P2P हो तो counterparty की उपलब्ध जानकारी और bank reference;
  • TDS कटा या नहीं, और किसने काटा।

साल के अंत में इस sheet को अपने e-filing portal पर दिखने वाले annual statements से मिला लीजिए। जहाँ फ़र्क़ दिखे, वहीं आपका असली काम है — क्योंकि विभाग के पास platform की तरफ़ से जो रिपोर्ट पहुँची है और आपकी अपनी गिनती, दोनों का मेल होना ही चाहिए। सुधार करना तब आसान है जब आपके पास record हो; बिना record के सुधार सिर्फ़ अनुमान बन जाता है। ITR के forms और utilities incometax.gov.in पर हैं।

7. जो इस लेख में जान-बूझकर नहीं है

तीन चीज़ें आपको यहाँ नहीं मिलेंगी, और यह चूक नहीं है। एक, tax कम करने का कोई तरीक़ा — न "सीमा के नीचे रहने" का, न खाते बाँटने का। ऐसा कुछ सुझाना इस साइट का काम नहीं है। दो, यह दावा कि आपका exchange आपके लिए TDS काट ही देगा; यह इस पर निर्भर है कि सौदा कहाँ हुआ और सामने कौन था, इसलिए इसे अपने platform के दस्तावेज़ों में ख़ुद पढ़िए। तीन, ऐसे आँकड़े या जुर्माने जिन्हें हम आधिकारिक स्रोत में देख नहीं पाए। इंटरनेट पर घूम रही कई "नई penalty" वाली ख़बरों का हमें आधिकारिक पन्ने पर कोई आधार नहीं मिला, इसलिए हमने उन्हें यहाँ लिखा ही नहीं। जो हमें मिला, वह ऊपर स्रोत के साथ है।

बदलाव की रफ़्तार भी याद रखिए: 2026-27 के बजट में 30% और 1% TDS वाला ढाँचा जस का तस रखा गया, पर यह हर साल की गारंटी नहीं है। इसलिए ITR भरने से पहले तारीख़ देखकर एक बार आधिकारिक पन्ना खोल लेना सबसे सस्ता बीमा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

यूएसडीटी को USDC में बदलने पर भी टैक्स बनता है क्या?

आम तौर पर लागू व्याख्या यही है कि एक crypto से दूसरे crypto का trade भी एक taxable event है, भले ही आपने उसे fiat में न बदला हो। यानी यूएसडीटी से USDC या BTC में जाना भी transfer माना जाता है और उस पर हिसाब बनता है। ख़ास पेच यह है कि हिसाब INR में बनता है, dollar में नहीं — इसलिए यह मान लेना कि 'यूएसडीटी तो हमेशा एक dollar ही है, मुनाफ़ा हुआ ही नहीं' सही नहीं होता। अपनी गणना किसी CA से करा लें। (अगस्त 2026 में जाँचा गया)

P2P में 1% TDS काटने की ज़िम्मेदारी किसकी होती है?

Section 194S की छूट-सीमा भुगतान करने वाले की हैसियत से तय होती है, यानी P2P में उस पक्ष से जो पैसा दे रहा है। आयकर विभाग के पन्ने पर लिखा है कि specified person के भुगतान पर financial year में कुल मूल्य ₹50,000 से ऊपर न जाए तो कटौती नहीं होती, और specified person के अलावा किसी और के भुगतान पर यह सीमा ₹10,000 है। specified person में वे व्यक्ति और HUF आते हैं जिनकी पिछले financial year में business की turnover ₹1 करोड़ से या profession की receipts ₹50 लाख से ऊपर न रही हों, या जिनकी business/profession से आय है ही नहीं — यानी आम निवेशक लगभग हमेशा ₹50,000 वाली श्रेणी में आता है। भारतीय licensed exchange और विदेशी platform या सीधे P2P में व्यवहार अलग-अलग होता है, इसलिए अपने मामले में कटौती कौन कर रहा है, यह platform के statement और अपने CA से पक्का करें। (अगस्त 2026 में जाँचा गया)

अपने ही एक wallet से दूसरे wallet में यूएसडीटी भेजने पर टैक्स लगता है क्या?

अपने ही wallets के बीच crypto transfer करने पर tax नहीं लगता, क्योंकि मालिकाना बदलता ही नहीं। असली दिक़्क़त सबूत की है: साल के अंत में आपको दिखाना पड़ सकता है कि भेजने वाला और पाने वाला दोनों पते आपके ही थे। इसलिए हर self-transfer का on-chain hash, समय और दोनों तरफ़ का screenshot रखें, वरना statement में वही रकम एक बिक्री जैसी दिख सकती है।

एक coin के घाटे से दूसरे coin का मुनाफ़ा घटाया जा सकता है क्या?

मौजूदा ढाँचे में नहीं। एक VDA का घाटा न दूसरे VDA के मुनाफ़े से घटाया जा सकता है, न किसी और आय से, और न अगले साल के लिए carry forward होता है। इसका असर यह है कि एक ही साल में एक coin पर मुनाफ़ा और दूसरे पर घाटा होने पर आपकी जेब भले बराबर रहे, tax मुनाफ़े वाले पूरे हिस्से पर बनता है। बार-बार swap करने वालों पर यह सबसे भारी पड़ता है। (अगस्त 2026 में जाँचा गया)

Schedule VDA भरने के लिए कौन-से record चाहिए?

Schedule VDA में हर transaction अलग-अलग लिखी जाती है, इसलिए कम से कम चार चीज़ें हर सौदे के लिए चाहिए: ख़रीद की तारीख़, transfer की तारीख़, acquisition cost, और sale consideration। इनके साथ order ID, on-chain hash, P2P में counterparty की जानकारी और bank statement रख लें, ताकि हर आँकड़ा किसी record से मिलाया जा सके। यह हिसाब साल के अंत में पीछे जाकर बनाना लगभग नामुमकिन होता है — पहले दिन से एक sheet रखना ही व्यावहारिक तरीक़ा है।

जिस भी platform पर रहें, statement export होना चाहिए

साल के अंत में काम वही platform आता है जिसका पूरा trade history और TDS statement आप export कर सकें। यह tax का नहीं, आदत का सवाल है — record आप बना रहे हैं या नहीं, यह उसी दिन तय हो जाता है जिस दिन आप पहला सौदा करते हैं।

आगे पढ़ें

रेफ़रल कोडBN16188कॉपी करने के लिए क्लिक करें

साइन-अप करते समय यह कोड मैन्युअल रूप से भरें। हम Binance के एफ़िलिएट पार्टनर हैं; वास्तविक छूट Binance तय करता और दिखाता है, हम इसका वादा नहीं करते।